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मंगलवार, 10 जुलाई 2012

पहला आजमगढ़ फिल्म फेस्टिवल 14 से


पहले आजमगढ़ फिल्म फेस्टिवल की तैय्यारियाँ जोरों पर हैं. लेखिका और एक्टिविस्ट अरुंधति राय के वक्तव्य से पहले आजमगढ़ फिल्म फेस्टिवल की शुरुआत होगी.
फिल्म फेस्टिवल में अपनी फिल्मों के साथ दिल्ली से संजय काक और अनुपमा श्रीनिवासन और भुबनेश्वर से सूर्य शंकर दाश हिस्सा लेंगे. गोरखपुर फिल्म सोसाइटी की पहली डाक्यूमेंटरी खामोशी, जो कि पूर्वांचल में महामारी की तरह कायम इन्सेफेलाइटिस बीमारी से सम्बंधित है, भी दिखाई जायेगी.इस फेस्टिवल में छोटी - बड़ी 15 फिल्मों के अलावा अशोक भौमिक द्वारा प्रगतिशील भारतीय चित्रकारों के चित्रों की प्रदर्शनी जन चेतना के चितेरे और अजय जेतली और अंकुर द्वारा तैयार विश्व सिनेमा की 11 कालजयी फिल्मों के पोस्टरों की प्रदर्शनी भी दिखाई जायेगी. गोरखपुर फिल्म सोसाइटी भी डीवीडी और किताबों की बिक्री के लिए अपना स्टाल लगाएगी. फेस्टिवल के दूसरे दिन यानि सुबह 11 बजे से लेकर 1 तक बच्चों के लिए एक छोटी और एक फ़ीचर फिल्म दिखाई जायेगी. इस मौके पर अशोक भौमिक  के उपन्यास ' शिप्रा एक नदी का नाम है' का लोकार्पण भी होगा. 
प्रतिरोध के सिनेमा अभियान का यह 26वां और आजमगढ़ का पहला फिल्म फेस्टिवल होगा.  इस फेस्टिवल में शिरकत करने के लिए किसी भी तरह के औपचारिक आमन्त्रण की जरुरत नहीं है.
फेस्टिवल 14 जुलाई को सुबह 11 बजे आजमगढ़ के नेहरु हाल में शुरू होगा. 

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